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बच्चों को मेरा आशीर्वीद
अंर्तजाल पर हिन्दी भाषा का विशाल सागर देखकर उसकी उठती गिरती लहरों में ही आनन्द ले पाई । गहराई में डूबने का साहस जुटाने के लिए बहुत समय चाहिए। मैं सबसे पहले अपना कुछ समय बच्चों के साथ गुजारना चाहती हूँ। उनके लिए कुछ कहानी या कविता पाठ करना मेरे लिए सौभाग्य की बात होगी।
3 Comments:
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Anonymous
said...
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I am very well versed in Hindi. But as much as I understand it is a good language and your writings make it more beautiful.
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Anonymous
said...
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In fact it should have been "I am not very well versed in Hindi"
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शैलेश भारतवासी
said...
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आपकी आवाज़ में वो प्यार और दुलार है, जिसकी आवश्यकता बच्चों को होती है।
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