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कवि- राजीव रंजन प्रसाद
स्वर- कुहू (कवि राजीव की ३॰८ वर्षीय पुत्री)
अक्षर- मैं गुजरता रहा....
स्रोत- हिन्द-युग्म
5 Comments:
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शैलेश भारतवासी
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कुहू,
जब आप इतने कम उम्र में इतना अच्छा गाती हैं तो आने वाले समय में आप लता मंगेशकर को पीछे छोड़ दें तो इसमें आश्चर्य नहीं होगा। अब तो मैं यही चाहता हूँ कि आप हिन्द-युग्म की सभी कविताओं को अपनी आवाज़ दें।
मेरा आशीष और मेरी शुभकामनाएँ आपके साथ हैं।
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विश्व दीपक ’तन्हा’
said...
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कुहू,
बहुत सुंदर गाया है तुमने। राजीव जी की मीठी आवाज का असर तुमपे भी है। शैलेश जी ने सच हीं कहा है कि आने वाले दिनों में तुम अच्छी गायिका बन सकती हो।
मेरी शुभकामनाएँ तुम्हारे साथ है।
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विश्व दीपक ’तन्हा’
said...
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कुहू,
बहुत सुंदर गाया है तुमने। राजीव जी की मीठी आवाज का असर तुमपे भी है। शैलेश जी ने सच हीं कहा है कि आने वाले दिनों में तुम अच्छी गायिका बन सकती हो।
मेरी शुभकामनाएँ तुम्हारे साथ है।
-विश्व दीपक ’तन्हा’
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Anonymous
said...
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आप तो बहुत ही सुन्दर गाती है,क्या कहने! हमारा आशीर्वाद है आप हमेशा और भी सुन्दर गायें...इतनी छोटी सी उम्र में आप इतना अच्छा गाती है लगता है आगे आने वाले समय में आप लता जी की तरह एक मुकाम पा ही लेंगी....इस बधाई के पात्र आपके माता-पिता है इतनी छोटी उम्र में जिन्होने आपको इतनी अच्छी तालिम दी है...
सुनीता(शानू)
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Anonymous
said...
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So sweet......That as really relaxing!!!
It brought smile on my face.
I will dyingly wait for more......[:)]
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