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Poem from Hind-Yugm rendered in the voice of Tushar Joshi Nagpur
Written by Mohindar Kumar
1 Comments:
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Mohinder Kumar
said...
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तुषार जी
सर्वप्रथम आपको मेरा लिखा पसंद आया इसके लिये आपको धन्यवाद. आपने मेरी कविता को अपनी आवाज दे कर और भी सुन्दर बना दिया...उसके लिये एक और धबन्यवाद्.
आपका प्रोतसाहन ही मेरी लेखनी कि सियाही है.
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