कवि- पंकज तिवारी स्वर- पंकज तिवारी अक्षर- उन्हें पता तो चले स्रोत- हिन्द-युग्म
good, nice
पंकज जी, आपने तो मज़ा ला दिया है। दूसरा भी गाइए भाई। इंतज़ार है।
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