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मित्रों आज प्रस्तुत है ऋषिकेष मुखर्जी निर्देशित फिल्म अनुराधा का एक गाना कैसे दिन बीते कैसे रतियाँ। जो लताजी ने गाया है।
अनुराधा फिल्म के मुख्य कलाकार थे बलराज साहनी,अभि भट्टाचार्य, नासिर हुसैन, हरि शिवदासानी, और असित सेन की पर सही मायनों में यह फिल्म थी खूबसूरत अभिनेत्री लीला नायडू की।
अनुराधा रॉय (लीला नायडू ) एक नर्तकी है और उन्हें डॉ निर्मल चौधरी से प्रेम हो जाता है। और पिता की मर्जी के विरुद्ध डॉ चौधरी से विवाह करती है। और समय जाते एक पुत्री की माँ बनती है।
डॉ चौधरी एक छोटे से गाँव में लोगों की दिन रात सेवा करते हैं, और उनके पास अपने परिवार के लिये बिल्कुल समय नहीं है। ऐसे में एक दिन दीपक (अभि भट्टाचार्य) उनकी जिन्दगी में आते हैं और अनुराधा को समझा बुझा कर फिर से कलकत्ता जाने के लिये राजी करते हैं। पर आखिर प्रेम की जीत होती है। यानि अनुराधा अपने पति डॉ निर्मल चौधरी को छोड़ कर नहीं जाती।
इस फिल्म में कलाकारों के अभिनय के अलावा एक चीज और भी खास है और वह है सुप्रसिद्ध सितार वादक पंडित रविशंकर का मधुर संगीत।
आज आपको इस फिल्म का एक कैसे दिन बीते वाला गाना सुना रहे हैं जो फिल्म में अनुराधा गाती है कि पिया कैसे दिन बीते कैसे बीती रतियाँ.... क्यों कि पिया के पास उनके लिये समय नहीं है।
लीजिये आप उठाईये इस सुन्दर गाने का लुत्फ।
3 Comments:
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Anonymous
said...
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सागर भाई आपकी पोस्ट देखी । अनुराधा में पंडित रविशंकर का संगीत था । उन्होंने गोदान में भी संगीत दिया था । इसी फिल्म का एक और गीत है लता जी का । याद आया आपको । इस गाने को भी लोड कीजिये । ये दोनों गाने लता जी के अनमोल गानों में शामिल हैं और मुझे काफी प्रिय हैं ।
yunus
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अफ़लातून
said...
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'जाने किसे सपनों मे खो गयी अखियाँ,मैम तो न जागी मेरी सो गयी अखियाँ'
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अफ़लातून
said...
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'जाने कैसे सपनों में खो हयी अखियाँ,मैं तो न जागी मेरी सो गयी अखियाँ' यह ज्यादा लोकप्रिय हुआ था ।
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